अमरावती की ‘नीरजा’ श्वेता शंके तालिबान से नहीं घबराई, बहादुरी से फ़र्ज़ निभाया और 129 भारतीयों को अफगानिस्तान से वतन सुरक्षित पहुंचाया

बाहर से गोलियों की आवाज़ें आ रही थीं, लेकिन महाराष्ट्र के अमरावती की ‘नीरजा’ का ध्यान अपने लक्ष्य से नहीं डिगा था। श्वेता शंके नाम की यह भारत की बहादुर बेटी तालिबान के आंतक से नहीं घबराई. एयर इंडिया के विमान से 129 यात्रियों को सकुशल भारत ले आई। आज चारों ओर से श्वेता की तारीफ़ों के पुल बांधे जा रहे हैं. उन्हें दुआएं दी जा रही हैं, शुभकामनाएं दी जा रही हैं।

तालिबान द्वारा रविवार को काबुल पर कब्जा कर लेने के बाद अब पूरे अफगानिस्तान पर उसका आतंक राज कायम हो गया है। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़ कर निकल गए हैं। अफगानिस्तान के उप राष्ट्रपति अमरूल्लाह सालेह ने हिम्मत दिखाई है, और खुद को कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित किया है। वे तालिबान से लोहा ले रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच अफगानिस्तान में पूरी तरह से अराजकता की स्थिति है।

अन्य देशों की तरह भारत भी वहां फंसे हुए अपने देशवासियों को एयरलिफ्ट करवा कर वतन वापस बुला रहा है। एयर इंडिया के जिस विमान से 129 भारतीय वतन लौटे हैं, उस विमान में महाराष्ट्र के अमरावती की रहने वाली श्वेता शंके एयरहोस्टेस थीं। श्वेता ने पूरी दक्षता और बहादुरी से पूरे हालात को संभाला और सारे यात्रियों को भारत सकुशल पहुंचाया।