चंद्रपूर | राजस्व विभाग अवैध रेत तस्करों पर महेरबान..!

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केवल कुछ ही ट्रैक्टरों पर हो रही कार्रवाई

चंद्रपुर : जिले में कुछ माह से बड़े पैमाने पर अवैध रेत तस्करी का गोरखधंधा चल रहा है।
किंतु राजस्व विभाग इससे अनजान बन रही है, तो दूसरी ओर नाममात्र कार्रवाई कर बड़े पैमाने पर कारवाई करने का दावा की जा रही हैं।
ऐसे ही कुछ घटना दो दिन पूर्व शनिवार 31 ऑक्टोबर की सुबह 6 बजे के दरमियान सामने आयी।
चंद्रपुर तहसीलदार व मंडल अधिकारी और पटवारी द्वारा घुग्घूस के वर्धा नदी के रेती घाट पर हो रही अवैध रेत तस्करों पर छापामार कारवाई की गई। नदी के घाट पर 6 ट्रैक्टरो द्वारा अवैध रेती उत्खनन किया जा रहा था किंतु तहसीलदार द्वारा एक मात्र ट्रैक्टर पर ही कारवाई कर उसे घुग्घूस नायब तहसील कार्यालय में जमा कराया गया ऐसा क्या हुआ कि केवल एक ही ट्रैक्टर पर कारवाई की गई अन्य ट्रैक्टरों पर मेहरबान क्यों ?
ऐसा सवाल नागरिको द्वारा पूछा जा रहा है।
बात दे कि अक्टूबर महा के आखिरी सप्ताह में भी चंद्रपुर तहसीलदार द्वारा इसी रेती घाट पर अवैध रेती उत्खनन कर रहे 4 ट्रैक्टरों पर कारवाई कर जुर्माना वसूला गया लेकिन शनिवार 31 ऑक्टोबर की सुबह 6 बजे घुग्घूस वर्धा नदी रेती घाट पर छापामार कारवाई में केवल एक ट्रैक्टर पर कारवाई कर अन्य 5 ट्रैक्टरों पर कार्रवाई नही होने से तहसीलदार के कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह निर्माण किया जा रहा है।
ज्ञात हो कि दो सप्ताह पहले चंद्रपुर माइनिंग विभाग की महिला अधिकारी द्वारा भी इसी रेती घाट पर देर रात में छापामार कार्रवाई में भी रेती घट पर 3 हाइवा व एक जेसीबी मशीन अवैध रेती उत्खनन कर रहे थे लेकिन एक हाइवा पर ही कार्रवाई की गई अन्य दो हाइवो तथा जेसीबी मशीन को छोड़ा गया था।
शनिवार को भी वहीं हुआ हैं।

विगत दो वर्षों से वर्धा नदी की रेती घाटों की नीलामी हुई नहीं और यहाँ के रेत माफियों द्वारा रोजाना हजारों ब्रास रेती तस्करी कर राजस्व विभाग को करोड़ों रूपयों का चूना लगाया जा रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शहर के रेती तस्कर लाखों रुपए जमाकर संबंधित अधिकारियों को रेती तस्करों द्वारा तस्करी के एवज में मुहवज के रूप में लाखों रुपए देखकर खुले आम तस्करी करने की बात शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

चंद्रपुर के जिलाधिकारी द्वारा इस क्षेत्र में हो रही अवैध रेती उत्खनन व महसूल विभाग के अधिकारियों तथा रेती तस्करों की साठगांठ पर अंकुश लगाने की मांग शहर के नागरिकों द्वारा की जा रही हैं।