15 दिनों के लिए लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध लागू, CM उद्धव ठाकरे ने नाम दिया ‘ब्रेक द चेन’ मुहिम

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोरोना के खिलाफ बड़ा फैसला लिया है. उद्धव ठाकरे ने राज्य में सख्ती बढ़ाने का फैसला लिया है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोरोना वायरस के खिलाफ बड़ा फैसला लिया है. उद्धव ठाकरे ने राज्य में सख्ती बढ़ाने का फैसला लिया है. मंगलवार को उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह लॉकडाउन नहीं है, लेकिन इसकी सख्ती लॉकडाउन जैसी ही है. उद्धव ठाकरे ने कहा कि सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक सिर्फ जरूरी सामानों की दुकानें खुलेंगी. रात 8 बजे से धारा 144 लागू हो जाएगी.

महाराष्ट्र में की गई सख्ती एक तरह से लॉकडाउन ही है. अंतर सिर्फ इतना है कि पिछले साल हुए लॉकडाउन में सभी वाहन बंद कर दिए गए थे. जो जहां थे वहीं फंस गए थे. लेकिन इस बार महाराष्ट्र में सभी ट्रांसपोर्ट सर्विस चालू रहेंगी. लेकिन उनका इस्तेमाल बेवजह नहीं किया जा सकता. सिर्फ जरूरी काम के लिए ही लोग बाहर जा सकते हैं.

सीएम उद्धव ठाकरे नए नियमों का ऐलान करते वक्त लॉकडाउन शब्द से बचते रहे. उन्होंने कहा कि हम सख्ती लागू कर रहे हैं. यह लॉकडाउन नहीं है, लेकिन सख्ती रहेगी. सीएम उद्धव ठाकरे ने ऐलान करते हुए कहा कि बुधवार रात 8 बजे से ब्रेक द चेन अभियान शुरू होगा. पूरे महाराष्ट्र में जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाएं बंद रहेंगी. 15 दिनों तक सिर्फ जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी. बेवजह के आवागमन पर पाबंदी रहेगी, यह एक तरह से संचार बंदी है. पूरे राज्य में धारा 144 लागू होगी. इस दौरान लोकल ट्रेन, बसें, ऑटो-टैक्सी की सेवाएं जारी रहेंगी. जरूरी सेवाएं भी सुबह 7 बजे से रात के 8 बजे तक खुली रह सकेंगी.

नए नियमों में कहा गया है कि डोमेस्टिक हेल्प, ड्राइवर या अन्य कर्मचारियों को काम पर बुलाया जा सकता है या नहीं इसे लेकर स्थानीय प्रशासन फैसला लेगा.

जरूरी सेवाओं में ये चीजें शामिल
• महाराष्ट्र में लॉकडाउन जैसे नियमों के दौरान हॉस्पिटल, डायगनोस्टिक सेंटर, क्लीनिक, वैक्सीनेशन सेंटर, मेडिकल इंश्योरेंस ऑफिस, दवाई की दुकानें, दवाई कंपनियों समेत मेडिकल से जुड़ी अन्य सेवाओं को छूट मिलेगी.
• मास्क सैनिटाइजर बनाने वाले और उनके डिस्ट्रीब्यूटर को छूट रहेगी.
• पशुओं के डॉक्टर, जानवरों के शेल्टर और पेट शॉप भी खुली रह सकती हैं.
• कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस.
पब्लिक ट्रांसपोर्ट, जैसे हवाई जहाज, ट्रेन, टैक्सी, ऑटो और पब्लिक बस.
• राजदूतों से जुड़े ऑफिस.
स्थानीय प्रशासन द्वारा सभी पब्लिस सर्विस.
• आरबीआई और उससे जुड़े काम.
• सेबी और स्टॉक एक्सचेंज के सभी ऑफिस.
• टेलीकॉम सर्विस का रीस्टोरेशन और मेंटेनेंस.
• सामाना और पानी का ट्रांसपोर्ट.
• कृषि से जुड़े सभी काम भी एसेंसियल सर्विस में हैं.
• इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट और ई-कॉमर्स.
• सभी मीडिया ऑफिस.
पेट्रोल पंप और पेट्रोलियम से बने पदार्थ.
• सभी कार्गो सर्विस.
डेटा सेंटर और जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर वाले IT ऑफिस.
• सरकारी और प्राइवेट सिक्योरिटी सर्विस.
• बिजली और गैस सप्लाई.
एटीएम और पोस्टल सर्विस.
बंदरगाह और उससे जुड़े काम.
• पुलिस प्रशासन को यह कहा गया है कि लोगों के गैरजरूरी आवागमन को रोका जा सकता है, लेकिन किसी भी एसेंसियल सर्विस को नहीं रोका जा सकता.