वेकोलि कोलार पिंपरी खान में अवैध कोयले की लूट

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• डीओ धारकों की मनमानी, अधिकारियों की मिलीभगत

चंद्रपुर : वेकोलि के वणी उत्तर क्षेत्र के कोयला लोडिंग में प्रचंड धांधली शुरू है. डीओ धारकों की मनमानी व अधिकारियों की मिलीभगत इसके लिए जिम्मेदार है. उच्च दर्जे के कोयले को नियमबाह्य लोडिंग कर वितरीत करने से टार्गेट पूर्ण नहीं हो रहा. नियमों को तोड़ते हुए रात भर कोयला खानों में लोडिंग चलने और ट्रक भरे जाने की आशंका जताई जा रही है.

कोलार पिंपरी कोयला खान में निरंतर नये नये मामले सामने आ रहे है. कुछ दिन पहले 968 टन कोयला हवाहवाई होने की चर्चा है. अब रोड सेल के नाम पर भ्रष्ट्राचार का नया रास्ता खुल गया है. कोल इंडिया व वेकोलि ने उत्खनन किये कोयले को वितरण के लिए नियमावली तयार की है. सुबह 6 ते शाम 6 बजे तक कोयला खाण के काटे पर ट्रक भरा जाता है लेकिन कोलार पिंपरी कोयसा खाण में नियमों का धड़ल्ले से उल्लंघन हो रहा है. रात देर तक यहां ट्रक भरे जाते है. जिन डीओ धारकों का कोयला बचा है, उनके हित में मुख्य महाप्रबंधक व उपप्रबंधक प्रयासरत है.

कोलारपिंपरी कोयला खाण में से 6 फेब्रुवारी को 22 डीओ धारकों को कोयला लोडिंग करने का ठेका मिला था. 22 मार्च को कोयला लोडिंग करने की कालावधी समाप्त हुई. इस बीच 20 हजार 510 टन कोयला लोड होना अपेक्षित था लेकिन केवल 2 हजार 117. 86 टन कोयला ही लोड हो सका. 18 हजार 362. 14 टन कोयला 22 मार्च तक लोड करना है. इसके लिए वेकोलि प्रशासन ने तय अवधी में कोयला लोड करने का कार्यक्रम निश्चित किया. सामान्य कोयला लोड करने का तय होने पर डीओ धारक और अधिकारियों की मिलीभगत से अच्छे दर्जे का कोयला ओबी ठेकदार के माध्यम से ट्रकों में भरा जा रहा है. केवल अच्छा कोयला लोड करने से वितरण का टार्गेट पूर्ण नहीं होने पर इसकी जिम्मेदारी वणी उत्तर क्षेत्र के प्रबंधन पर रहेगी.

हवा हो गया कोयला प्रकरण

कोलरपिंपरी खदान से सीएचपी क्र.1 व 2 में से कोयले की यातायात पिंपळगांव सीएचपी तक की गई है. क्रश किया प्रतिदिन 3 हजार टन कोयला रेल्वे सायडिंग तक पहुंचाने का ठेका ‘श्रीरानी सती कैरियर्स’ को दिया गया था. परंतु तय अवधी में 968 टन कोयला का फरक दिखा. इस प्रकरण में वेकोली प्रशासन ने दुगुना रक्कम का 75 लाखा का दंड वसूल करना अपेक्षित था. केवल 26 लाख रुपये दंड संबंधितों को लगाने से वेकोली के कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह निर्माण हुआ है.