महिला अत्याचार पर चंद्रपुर भाजपा आक्रोशित, लेकिन ‘‘मनिषा’’ से एलर्जी क्यों ?

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हाथरस के खिलाफ क्यों नहीं नारा लगा पाये चंद्रपुर भाजपा के नेता ?

मनोज कनकम । चंद्रपुर
12 ऑक्टोबर को चंद्रपुर के भारतीय जनता पार्टी की ओर से जटपुरा गेट परिसर में आक्रोश आंदोलन किया गया. यह आंदोलन महिलाओं पर होने वाले अत्याचार को रोकने की मांग को लेकर था. लेकिन हैरत की बात है कि हाथरस की बिटिया मनिषा के खिलाफ हुए गैंगरेप व हत्या को लेकर भाजपा के किसी भी नेता ने कोई नारा नहीं लगाया. यहां तक की किसी ने श्रद्धांजली तक नहीं दी. यही वजह है कि अब चंद्रपुरवासी भाजपा की नियत को लेकर तमाम तरह के सवाल उठाने लगे है. हाथरस की मनिषा से चंद्रपुर भाजपा को क्या एलर्जी थी, अब यह सवाल सोशल मीडिया से पूछा जाने लगा है. भाजपा के इस आंदोलन में मनपा महापौर राखी कंचर्लावार और जिला परिषद अध्यक्षा संध्या गुरुनुले भी मौजूद थी. स्वयं महिला होकर भी हाथरस की मनिषा का दर्द इन्हें महसूस क्यों नहीं हुआ, यह सोचने वाली बात है.

चंद्रपुर भाजपा ने जो आक्रोश आंदोलन का जो प्रेसनोट जारी किया है, उसमें भी हाथरस की वारदात का निषेध कहीं नजर नहीं आया. महापौर राखी कंचर्लावार ने कहा कि महिलाओं पर होने वाले अत्याचार नहीं रुके तो अधिक तीव्र आंदोलन करेंगे. लेकिन यह आंदोलन केवल कांग्रेस वाले सरकारों के खिलाफ ही होंगे, ऐसा चित्र नजर आने लगा है. महाराष्ट्र सरकार के प्रतिकात्मक पुतले का दहन किया गया. लेकिन योगी सरकार के यूपी में घटित हाथरस पर चंद्रपुर के भाजपा नेताओं ने चुप्पी साध ली. यह दोगला चरित्र होने का आरोप जनता दबी आवाज में करने लगी है.

12 ऑक्टोबर के भाजपा के आक्रोश आंदोलन में महाराष्ट्र सरकार के प्रतिकात्मक पुतले को स्याही पोती गई. चुड़ियां पहनाकर चपलों से मारा गया. फिर इस पुतले का दहन किया. इस दौरान भाजपा महिला आघाडी की प्रदेश उपाध्यक्ष वनिता कानडे, जिप अध्यक्षा संध्या गुरनुले, महापौर राखी कंचर्लावार, महानगर जिलाध्यक्ष डॉ मंगेश गुलवाडे, उपमहापौर राहुल पावडे, महानगर भाजयुमो अध्यक्ष विशाल निंबालकर , भाजप नेता प्रमोद कडू, राजेंद्र गांधी, सुभाष कासनगोट्टूवार, ब्रिजभूषण पाझारे, प्रशांत विघ्नेश्वर उपस्थित थे. लेकिन इनमें से किसी ने हाथरस बलात्कार व हत्याकांड के विरोध में कोई बयान नहीं दिया. पुरे भाषणों में कहीं भी मनिषा के दर्दनाक कांड का जिक्र तक नहीं किया. ऐसे में यह नेता महिला अत्याचार को लेकर भेदभाव करने की चर्चा लोग करने लगे है.