कोयला हेराफेरी करना ‘शहजाद’ के लिए कोई नया काम नहीं !

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 मास्टरमाइंड, ट्रांस्पोटर अब भी फ़रार

चंद्रपुर : नान पावर प्रोड्यूसर डीओ का कोयला नागपुर की प्राइड मेटल इंड्रस्ट्रीज ने वेकोलि वणी क्षेत्र की निलजाई खदान से 4 हजार 220 टन कोयला लिया था लेकिन ऑक्शन नियमों के मुताबिक यह डिओ के कोयले को रीसेल की इजाजत नहीं थीं. लेकिन विगत कई महीनों से यह कोयला आवंटित सम्बंधित कंपनि में न जाते हुए वणी के लालपुलिया परिसर के कुछ कोयला व्यापारियों के प्लाटों में उतारा जा रहा था तो इसकी गुप्त सूचना वणी पुलिस को मिलते ही गुरुवार 18 मार्च को दुपहर में लालपुलिया परिसर में अलग अलग जगहों में छापा मारा और तीन ट्रकों के दस्तावेज व 75 टन कोयला के साथ कुल 33 लाख 75 हजार रुपए का माल जप्त कर 7 लोगों को हिरासत में लिया. शुक्रवार को न्यायालय ने मुख्य आरोपी अटलबिहारी गिरी को तीन दिन पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया गया और अब भी इस मामले के दो फरार हैं.

मास्टर माइंड शहजाद

इस कोयले की हेराफेरी मामले का मास्टरमांइड प्राइड मेटल इंडस्ट्रीज का मालिक शहजाद शेख एंव वंदना ट्रान्सपोर्ट का संचालक कुबेर वर्मा फरार है. इसमें से शहजाद शेख के लिये कोयले की हेराफेरी करना नई बात नहीं है. गत वर्ष इसी तरह के एक मामले मे चंद्रपुर पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ एक मामला दर्ज है. महाराष्ट्र राज्य खनिकर्म महामंडल की ओर से लघु एवं मध्यम उद्योगों को सब्सिडी का कोयला वेकोलि की विभिन्न खदानों से आवंटित किया जाता था जिसे सांठगांठ कर खुले बाजार में बेच दिये जाने मामला सामने आया था.यह कालाबाजारी सामने आते ही वेकोलि ने 4 मार्च 2020 से एमएसएमसीएल के सभी डीओ को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया था. इसके बाद शहजाद ने बोगस कागजाद का जुगाड़ कर नान पावर प्रोड्यूसर का कोयला आक्शन में लिया था.

वेकोलि अगर सभी कागजाद की ईमानदारी से जांच करे तो प्राइड मेटल इंडस्ट्रीज इस श्रेणी में आती ही नहीं. इसी कंपनी पर कोयले की हेराफरी को लेकर दो – दो मामले दर्ज होने से वेकोलि इस कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी करने वाली है, ऐसी जानकारी प्राप्त हुई है. पुलिस ने अग्रिम जमानत के लिये समय न देते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने मे तत्परता दिखाई तो इस रैकेट का भंडाफोड हो सकता है.