वर्धा नदी से बे खौफ हो रहा रेत का उत्खनन, एसडीएम के कार्रवाई के बावजूद नहीं तस्करों में भय

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घुग्घुस (चंद्रपुर) : अवैध रेत तस्करों पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई का दौर शुरू है। इसके बावजूद अवैध रेत तस्करों की हौसले इतने बढ गए की, प्रशासन के कार्रवाई का किसी प्रकार का खौफ इनमें नहीं दिखाई दे रहा है।

प्रशासन के कार्रवाई के बादजूद आज भी यह अवैध रेत तस्कर रेत की तस्करी करने से बाज नहीं आ रहे है।

कल गुरूवार की सुबह ५ बजे चंद्रपुर के एसडीएम रोहन घुगे ने अपने पथक के साथ मिलकर घुग्घुस के वर्धा नदी में पिछले कई दिनों से घोडा घाट, हल्या घाट, चिचोली घाट से हो रहे अवैध रेत तस्करों पर कार्रवाई का दौर शुरू किया। जिसमें शहर के दिन रात दौड़ रहे ६० ट्रैक्टरों में से २४ टैक्टरों पर कार्रवाई कर वाहनों को जप्त किया गया।

रेत तस्करों की यह जिले में सबसे बड़ी कार्रवाई है। फलस्वरूप अन्य रेत तस्करों पर इसका कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। यह तस्कर बे खौफ होकर रेत की तस्करी कर रहे है। जिससे जिला प्रशासन अन्य रेत तस्करों के प्रति महेरबान तो नहीं एैसी चर्चा नागरिकों द्वारा की जा रही है।

विशेष बात यह है की इन रेत तस्करों पर निगरानी रखने के लिए घुग्घुस पुलिस थाने के सामने दो सीसीटीवी कैमेरे लगाए गए है। लेकिन यह कैमेरे केवल नामदर्शक बने दिखाई दे रहे है। प्रशासन के एक जिम्मेदार कर्मचारी क्षेत्र के पटवारी जिनके अधिकार में यह क्षेत्र आता है, उन्होंने अब तक किसी प्रकार की अवैध रेत तस्करों पर कार्रवाई नहीं की। जब की उन्हे अवैध कार्य पर कार्रवाई करने के पुरे अधिकार है। वे कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे इसके पीछे की मंनशा क्या है, एैसा कहा जा रहा है। भारी पैमाने पर इस क्षेत्र से रेत का उत्खनन होने के साथ यह क्षेत्र रेत भंडार माना जाता है।

इसके बावजूद केवल नाममात्र वाहनों पर कार्रवाई कर अन्य तस्करों पर प्रशासन मेहबान क्यो है एैसी चर्चा पुरे जिले में शुरू गुप्त सूचना के आधार पर अवैध रेत तस्करों के व्यवसाय में काफी बड़ी मच्छियां होने की बात कहीं जा रही है। जिनके जनप्रतिनिधियों से जुडे होने की आशंका है।

स्थानीक जागरूक तथा समाजसेवियों द्वारा इन अवैध रेत तस्करों पर अंकुश लगाने की मांग हो रही है। इसके पूर्व घुग्घुस के पाच रेत तस्करों पर कार्रवाई की गई। राजस्व विभाग उनका वाहन परवाना निलंबीत किया गया।