प्रकल्प ग्रस्त किसानों का वेकोलि बल्लारपुर क्षेत्र कार्यालय पर घेराव

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बैठक से किसान नहीं हुए संतुष्ठ, प्रबंधक ने स्वयम बुलाई थी बैठक

चंद्रपुर : पिछले कई वर्षो से किसानों की जमिनों को वेकोलि बल्लारपुर क्षेत्र द्वारा अधिग्रहित कर उन्हे जमीन मुक्त किया गया। लेकिन अब तक किसानों को वेकोलि में नौकरी नहीं दी गई। जिससे प्रकल्पग्रस्त किसानों पर भुखे मरने की नौबत आयी है। हमे नौकरी तथा मुआवजा दे इस मांग को लेकर आज प्रकल्पग्रस्तों ने दोपहर 4 बजे के दौरान सास्ती स्थित प्रबंधन कार्यालय का घेराव किया था। इस दौरान प्रबंधन ने प्रकल्पग्रस्त किसानों से मुलाखात कर उनसे चर्चा की। लेकिन इस चर्चा में अब तक कोई ठोस पर्याय नहीं निकलने का आरोप प्रकल्पग्रस्त किसानों द्वारा लगाया गया है।

प्राप्त जानकारी अनुसार पिछले कुछ वर्ष राजुरा तहसील अंंतर्गत आने वाले वेकोलि क्षेत्र के सास्ती, मानोली, कोलगांव के किसानों की जमीनों को अधिग्रहित की। इस दौरान उन्हे नौकरी तथा मुआवजा देने का वादा किया गया था। किसानों ने वेकोलि को अपनी जमिने दे दी। लेकिन अब वेकोलि प्रशासन तथा सरकार द्वारा इस गंभीर समस्या के प्रति ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे किसान अब स्वयं के जमिन से दरकिनार हो गए। प्रकल्पग्रस्त किसानों ने बताया कि वेकोलि प्रशासन द्वारा कुछ माह पूर्व हमसे अग्रीमेंट कर लिया। उसके बाद हमे नौकरी तथा मुआवजा मिलेगा एैसा लग रहा था। लेकिन इस संदर्भ में किसी प्रकार का क्रियान्वयन नहीं हुआ है। जिससे प्रकल्पग्रस्त किसान पिछले कई वर्षो से नौकरी से वंचित है। प्रकल्पग्रस्तों ने इसके पूर्व वेकोलि के खिलाफ अन्नत्याग आंदोलन किया था। इसी के साथ अर्धनग्र आंदोलन भी हुआ। उसके बाद वेकोलि प्रशासन जागा बाद में किसानों से अॅग्रीमेंट किया गया। लेकिन उसके बाद अॅग्रीमेंट की फाईल केवल कार्यालय में ही सिमट कर रह गई। इस संदर्भ में प्रकल्पग्रस्तों को केवल आश्वासन पर रखा गया है। जिससे संतप्त पीडि़त किसान, प्रकल्पग्रस्तों ने आज सास्ती वेकोलि महाप्रबंधक के कार्यालय पर दस्तक देकर घेराव किया। इस अवसर पर बड़े पैमाने पर किसानों की उपस्थिती थी। दौरान महाप्रबंधक के साथ प्रकल्पग्रस्त किसानों के शिष्टमंडल की बैठक हुई प्रबंधक सव्यसाची डे ने कहा कि फिलहाल महाजेनको तथा एमपीटीसी द्वारा कोयला खरिदने संदर्भ में प्रस्ताव लंबीत है। जिसके कारण खदान शुरू करने में समय लग रहा है। हम खदान शुरू करने संदर्भ में प्रयास कर रहे इस पर कार्य जारी है एैसा उन्होंने कहा। प्रकल्पग्रस्त किसानों के शिष्टमंडल में सास्ती उपसरपंच कुनाल कुड़े, कोलगांव सरपंच अनिता पिंपलकर, उपसरपंच पुरूषोत्तम लांडे, किशोर कुडे, नीलेश व्याहाड़कर प्रकाश भटारकर, नीमेश वैरागड़े उपस्थित थे। इस घेराव आंदोलन में लगभग ४०० से अधिक प्रकल्पग्रस्तों का समावेश था।

किसानों को भगाने बुलाई सिक्युरिटी
परेशान तथा पीडि़त किसानों ने अपनी आपबिती बताने वेकोलि महाप्रबंधन के कार्यालय पर दस्तक दी। इस संदर्भ में उन्हे पहले से सूचना दी गई थी। लेकिन उन्होंने किसानों की मांग तथा उनकी परेशानी को नहीं समझा आखिरकार प्रकल्पग्रस्त किसानों ने वेकोलि कार्यालय पर दस्तक देकर कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान वेकोलि प्रशासन ने वेकोलि सिक्युरिटी को बुलाकर उन्हे भगाने का प्रयास किया। जिसका निषेध भी किसानों ने किया।