चंद्रपुर – गढ़चिरोली में शराब पर प्रतिबंद हटेगा…?

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चंद्रपुर – गडचिरोली इन दोनों जिलों में शराब की प्रतिबंध से बनी स्थिति को देखते हुए जिले के पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार ने राज्य के अबकारी विभाग और गृह राज्य मंत्री को २७ अगस्त २०२०  पत्र लिखकर चंद्रपुर और गढ़चिरौली जिलों में शराब को फिर से शुरू करने की मांग की और २ सितंबर को इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तत्काल बैठक करने की मांग की.

चंद्रपुर :  चंद्रपुर व गढ़चिरोली इन दोनों जिलों में शराब बंदी के बाद बाढ़ सी आ गई हैं. शराब बंदी इन दोनों जिलों में अवैध शराब की तस्करी के कारण राज्य के राजस्व विभाग को करोड़ों रुपयों का नुकसान उठाना पड़ रहा हैं वहीं दूसरी ओर नकली शराब के सेवन करने से अनेकों ने अपनी जान गवाई हैं. अपराधों में वृद्धि हुई है.

ज्ञात हो की पांच वर्ष पूर्व २०१५ के अप्रैल माह में चंद्रपुर जिले में शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगा दी गई थी. जैसे ही चंद्रपुर जिले में शराब बंदी लागू की गई वैसे ही अनेक ‘ रईसो ‘ का जनम हुआ हैं और जिले में पुलिस चौकी के हिसाब से अपना अपना क्षेत्र बाटकर इस व्यवसाय में नाबालिक तथा स्कुल – कॉलेज के छात्र को पैसों लालच दिखाकर अपने गिरोह शामिल कर शराब तस्करी करवा रहें हैं. शराब तस्करी के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में अनेक युवकों ने अपने जान से हाथ दोना पड़ा और कई घरों के चिराग़ बुझ गए.

शराब माफिया जिले में सक्रीय होकर ६ नवम्बर २०१८ को नागभीड़ में कर्तव्यदक्ष पुलिस अधिकारी छत्रपती चिड़े की हत्या कर दी गई थी इसके अलावा कई पुलिस अधिकारियों व पुलिस कर्मी तथा पत्रकारों पर भी जानलेवा हमलें भी हुए हैं.

चंद्रपुर – गडचिरोली इन दोनों जिलों में केवल नाम मात्र के लिए शराब पर प्रतिबंध है लेकिन यहां बड़ी मात्रा में खुलेआम अवैध रूप से दुगने दामों पर शराब बेचा जा रहा है. इससे राज्य के राजस्व विभाग को प्रति वर्ष करोड़ों रुपयों का नुकसान सहना पड़ रहा हैं.

इस पृष्ठभूमि के खिलाफ, चंद्रपुर जिला के पालकमंत्री विजय वडेट्टीवार ने पूछा कि क्या राज्य प्रशासन चंद्रपुर जिले में शराब पर प्रतिबंध जारी रखना चाहिए या हटाना चाहिए तो 80 फीसदी लोगों ने अपना मत व्यक्त किया गया की जिले में पुनः शराब शुरू होनी चाहिए. इन दोनों जिलों में शराब की अवैध व्यवसाय पर अंकुश लगाने के लिए शराब की बिक्री दुबारा शुरू होगी ?